कतरा कतरा आग बन के

जला रही है यादे तेरी•••

बरस के इश्क तू भी

दिल की लगी बुझा•••
दुनियाँ को इसका चेहरा दिखाना पड़ा मुझे, पर्दा जो दरमियां था हटाना पड़ा मुझे, रुसवाईयों के खौफ से महफिल में आज, फिर इस बेवफा से हाथ मिलाना पड़ा मुझे . ..open
दर्द ही सही मेरे इश्क़ का इनाम तो आया, खाली ही सही होठों तक जाम तो आया, मैं हूँ बेवफा सबको बताया उसने, यूँ ही सही चलो उसके लबों पर मेरा नाम तो आया . ..open
Paana Hai Manzil Ko To Tanha Chala Karo…. Loot Lete Hain Humsafar Aksar.. ..open

ये नजर चुराने की आदत आज भी नही बदली उनकी, कभी मेरे लिए जमाने से और अब जमाने के लिए हमसे। ..open
दुनियाँ को इसका चेहरा दिखाना पड़ा मुझे, पर्दा जो दरमियां था हटाना पड़ा मुझे, रुसवाईयों के खौफ से महफिल में आज, फिर इस बेवफा से हाथ मिलाना पड़ा मुझे ..open
मुझे उसके आँचल का आशियाना न मिला, उसकी ज़ुल्फ़ों की छाँव का ठिकाना न मिला, कह दिया उसने मुझको ही बेवफा... मुझे छोड़ने के लिए कोई बहाना न मिला। ..open

मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद

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दर्द ही सही मेरे इश्क़ का इनाम तो आया,

खाली ही सही होठों तक जाम तो आया,

मैं हूँ बेवफा सबको बताया उसने,

यूँ ही सही चलो उसके लबों पर मेरा नाम तो आया .

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कतरा कतरा आग बन के जला रही है यादे तेरी••• बरस के इश्क तू भी दिल की लगी बुझा••• ..open

माना कि मोहब्बत की ये भी एक हकीकत है फिर भी, जितना तुम बदले हो उतना भी नहीं बदला जाता। ..open
कैसे बुरा कह दूँ तेरी बेवफाई को, यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है. ..open
क्यों नाम दूँ उसे बेवफ़ा का , वो तो वक़्त था , जिसे मेरी हँसी देखी नही गयी !! ..open

ऐ बेवफा तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ना करूँ, अगर तू कह दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ, तू बेवफा है तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर, कि तेरे बाद मैं किसी से प्यार ही ना करूँ। ..open
क्यों नाम दूँ उसे बेवफ़ा का , वो तो वक़्त था , जिसे मेरी हँसी देखी नही गयी !! ..open
अब भी तड़प रहा है तू उसकी याद में, उस बेवफा ने तेरे बाद कितने भुला दिए। ..open

बेवज़ह बिछड तो गये हो…. बस इतना बता दो… कि.. सुकून मिला या नहीं…?? ..open

मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा

जिन्हे दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा

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